अडानी ग्रुप का बड़ा कदम जानिए thetark पर
मुंबई के मोतीलाल नगर में 36,000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी ग्रुप ने सबसे बड़ी बोली लगाई है। यह परियोजना 143 एकड़ भूमि पर फैली हुई है, जिसमें आधुनिक आवासीय और वाणिज्यिक इकाइयों का निर्माण होगा। इस परियोजना में 3,372 आवासीय इकाइयों और 328 वाणिज्यिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही झुग्गी पुनर्वास भी इस योजना का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के आवासीय ढांचे को एक नई दिशा देगा और स्थानीय निवासियों को बेहतर जीवनशैली प्रदान करेगा।(thetark)
परियोजना की मुख्य विशेषताएं जानिए thetark पर
मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना में अडानी प्रॉपर्टीज ने 3.97 लाख वर्ग मीटर का बिल्टअप एरिया पेश किया है। इस परियोजना के तहत अवैध निर्माणों को हटाकर संगठित आवासीय क्षेत्र विकसित किया जाएगा। परियोजना में हरित क्षेत्र, आधुनिक सुविधाएं और टिकाऊ विकास पर जोर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने इसे “स्पेशल प्रोजेक्ट” घोषित किया है, जिससे यह राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना न केवल मुंबई बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बनेगी।
बॉम्बे हाई कोर्ट की अनुमति
बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) को मोतीलाल नगर को पुनर्विकसित करने की अनुमति दी है। इस परियोजना को MHADA द्वारा नियंत्रित किया जाएगा, लेकिन इसे निर्माण एवं विकास एजेंसी (C&DA) के माध्यम से पूरा किया जाएगा। कोर्ट की अनुमति के बाद राज्य सरकार ने इसे प्राथमिकता देकर तेजी से काम शुरू करने का निर्देश दिया है। इस योजना से हजारों लोगों को नए घर मिलेंगे और झुग्गी क्षेत्रों का पुनर्विकास होगा।
धारावी प्रोजेक्ट के बाद दूसरा बड़ा कदम
यह प्रोजेक्ट मुंबई में धारावी पुनर्विकास योजना के बाद अडानी ग्रुप का दूसरा सबसे बड़ा कदम है। धारावी प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप ने 610 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर जीता था। अब मोतीलाल नगर प्रोजेक्ट से कंपनी ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। यह परियोजना न केवल अडानी ग्रुप के लिए बल्कि मुंबई शहर के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि होगी। इससे रोजगार बढ़ेगा और शहर की बुनियादी संरचना में सुधार होगा। ऐसे ही और खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें|
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