RBI के नए नियमों की घोषणा जानिए thetark पर
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 से प्राथमिक क्षेत्र ऋण (PSL) नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इन बदलावों का उद्देश्य MSME, कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी और किफायती आवास जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। नए नियमों से कमजोर वर्गों और शहरी सहकारी बैंकों को भी राहत मिलेगी। यह कदम समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि यह बदलाव अर्थव्यवस्था में क्रेडिट फ्लो को बेहतर बनाएंगे।(thetark)
लोन दायरे में वृद्धि जानिए thetark पर
RBI ने प्राथमिक क्षेत्र ऋण (PSL) के तहत हाउसिंग लोन की सीमा बढ़ा दी है। अब तीन श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं, जो विभिन्न आय वर्गों को ध्यान में रखती हैं। यह कदम टियर-IV/V/VI शहरों में किफायती आवास को बढ़ावा देगा, जहाँ महामारी के बाद मकानों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, पुराने मकानों की मरम्मत के लिए लोन सीमा भी बढ़ाई गई है। इससे वित्तीय संस्थाओं को नए अवसर मिलेंगे और मकान मालिकों की परेशानी कम होगी।
रिन्यूएबल एनर्जी को प्राथमिकता
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए ऋण सीमा ₹30 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ कर दी गई है। व्यक्तिगत घरों के लिए लोन सीमा ₹10 लाख ही बनी रहेगी। यह कदम भारत के 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल लक्ष्य और 2070 तक नेट जीरो टारगेट को पूरा करने में मदद करेगा। इससे सोलर पावर जनरेटर और अन्य प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता मिलेगी, जो पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन में सहायक होंगे।
कमजोर वर्गों के लिए राहत
RBI ने कमजोर वर्गों और किसानों के लिए ऋण सीमा बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दी है। महिला लाभार्थियों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी PSL की पात्रता में शामिल किया गया है। इसके अलावा, शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए PSL लक्ष्य को 75% से घटाकर 60% कर दिया गया है। यह कदम वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा और इन वर्गों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा। ऐसे ही और खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें |
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